Marvadi


एक मारवाङी की तपस्या से प्रसन्न होकर
भगवान उसको अमृत देते हैं तो
वो मना कर देता है
भगवान - क्यों वत्स..अमृत
क्यों नहीं पी रहे.
मारवाङी - तानसेन खायोङी हैं बावजी !!!

0 comments:

Post a Comment